उत्तर प्रदेश पशु योजना 2020:क्या है योजना और क्या है लाभ और केसे करेंगे आवेदन जानिए इस आर्टिकल मे

उत्तर प्रदेश सरकार अपने राज्य के निराश्रित ,बेसहारा गोवंस के लिए एक योजना चलाई है जिसके नाम पशु योजना रखा है इस आर्टिकल मे हम आपको बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 क्या है बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 के लाभ क्या है बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 के लिए पात्रता क्या है बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 मे आवेदन केसे करे बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 के लिए आवेदन फॉर्म कहा से ले यह सब जानकारी आपको इस आर्टिकल मे मिलेगी आप देखते रहिए इस आर्टिकल को

निराश्रित ,बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना 2020 के बारे मे

यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने राज्य मे चलाई है केबिनेट की बैठक मे यूपी के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ ने इस योजना को मंजूरी देदी है इस योजना के तहत वे पशु जो निराश्रित है बेसहारा है एसे पशुओ के मालिक को सरकार 30 रुपए प्रतिदिन प्रति पशु के हिसाब से दिये जाएगे और सरकार का इस योजना से तहत यह मानना है की इस राशि से किसान भाई अपने बेसहारा पशुओ की देखभाल करके अपनी आर्थिक तंगी को काम कर सकते है और इस योजना का लाभ ये है की इस योजना से रास्ते मे घूमने वाले आवारा पशुओ को भी आवास मिल जाएगा

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Yojanaनिराश्रित ,बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना
Locationउत्तरप्रदेश
Yojana TypeCM Yojana
Official Website

2012 मे राज्य सरकार के द्वारा की गयी पशु गणना के अनुसार राज्य मे 205.66 लाख गोवंस है जिनमे से लगभग 12 लाख गोवंस बेसहारा या फिर निराश्रित है जब योगी सरकार उत्तर प्रदेश मे आई थी तो उन्होने इसका एलान किया था की राज्य मे गोवंस योजना को भी प्राथमिकता दी जाएगी राज्य सरकार निराश्रित गोवंस के लिए और उनके सरक्षण और पालन पोषण के लिए स्थायी और अथाई गौसला बना रही है और इनका रख रखवा भी कर रही है

निराश्रित ,बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना

केबिनेट की बैठक मे योगी सरकार ने निराश्रित ,बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना को मजूरी देदी है इस योजना से यह लाभ है की अगर किसान 10 पशुओ को सहारा देता है तो वह प्रति दिन 300 रुपए कमा सकता है और हर महिना 9 हजार रुपए कमा सकता है सरकार का मानना है की इस योजना से प्रधानमंत्री की 2022 तक किसानो की आय दोगुनी का सपना पुरा होने मे मदद होगी योजना के तहत राज्य सरकार ने पहले से ही 523 पंजीकृत गौसालाओ को सरक्षित गोवंस की संख्या के आधार पर 365 दिनो के लिए 30 रुपए प्रति गोवंस के आधार पर अनुदान किया जा रहा है

इस योजना के पहले चरण मे लगभग 1 लाख पशुओ को हसतातरित किया जाएगा और इसमे राज्य सरकार का 109 करोड़ 50 लाख रुपए का खर्च आएगा

योजना का उधेस्य

प्रदेश मे सड़कों पर और एसे भी बहुत सारे आवारा पशु घूम रहे है जो की बेसहारा और
निराश्रित है इन निराश्रित गोवंस को आश्रय देना ही इस योजना का मुख्य उधेश्य है इस
योजना के तहत सरकार एसे पशुओ को सहारा देगी जिनका कोई सहारा नहीं है अगर
कोई किसान भी एसे पशुओ को पलता है या फिर उसके पास पहले से ही बेसहारा पशु
है तो राज्य सरकार योजना के तहत किसान को प्रतिदिन 30 रुपए प्रति पशु के आधार
पर देगी इससे किसान भाई की आम्दानी भी बढ़ेगी

निराश्रित ,बेसहारा गोवंस सहभागिता योजना के लाभ

योजना के तहत जो जिले के डीएम है वो इछूक किसानो ये पशुपालको की लिस्ट तेयार
करेंगे ताकि उनके खाते मे प्रति पशु 30 रुपए के आधार पर पेसे ट्रान्सफर कर दिये जाये
इसमे पशुओ की इयर टेगिंग की जाएगी जिससे इस योजना को किभी प्रकार के भ्र्श्तचर
से बचाया जा सकता है सरकार का मानना है अगर कोई किसान या पशुपलाक आवारा
पशुओ को आश्रय देता है तो पशुओ की सड़क दुर्घटना मे होने वाली मोत मे कमी
आएगी फिर योजना के तहत जिला ,ब्लॉक और तहसील के आधार पर एक समिति का
गठन होगा

यह समिति बीडीओ और एसडीएम को अवगत करवाएगी आप साथ मे यह बात भी जन ले की अगर आप इस योजना के तहत कोई पशु पाल रहे है और आप इस योजना का लाभ ले रहे है तो आप उस पशु को बेच नहीं सकते है अगर आप उस पशु को बेचते है तो सरकार आप पर कारवाई कर सकती है सभी किसान भाई इस बात का ध्यान रखे की आपको इस योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे आपके खाते मे ट्रान्सफर कर डी जाएगी वो भी हर महीने अगर आपको इस योजना के बारे मे कोई अन्य प्रकार की जानकारी लेनी है तो आप डीएम ऑफिस मे संपर्क कर सकते है

पशुपालक चयन पात्रता

इछूक व्यक्ति ये किसान भी या फिर कोई पशुपालक अगर योजना के तहत पशु पालन करना चाहत है तो वो किस प्रकार से योग्य हो सकता है :-

  • आवेदक उस विकास खंड का मूल निवाशी होना चाहिए और वो वाहि पर रहता हो
  • इछूक व्यक्ति को पशुओ के पालन पोषण का अनुभव होना चाहिए
  • आवेदक को 4 पशु दिये जाएंगे
  • आवेदक का किसी भी बैंक मे खाता होना चाइए ताकि योजना के तहत मिलने वाली राशि आपके खाते मे आ सके
  • एसे लोग जो दूध का व्यापार करते है उनको इस योजना के तहत प्राथमिकता दी जाएगी
  • योजना के तहत पसूमित्र को प्राथमिकता दी जाएगी
  • आवेदक का आधार कार्ड,राशन कार्ड ,पहचान पत्र ,बैंक पास बूक की कॉपी देनी होती है
  • योजना के लिए फॉर्म आप ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी या पशु चिकित्सा अधिकारी से प्राप्त कर सकते है

हेल्पलाइन नंबर

टोल फ्री नंबर
1800-180-5141

Animal Husbandry Department Lucknow, UP Contact No
0522-2740482

E-mail
[email protected]

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