किसान योजना में किसानो को मिली बड़ी राहत Kisan Yojana बड़ी ख़बर

Kisan Yojana किसानो को मिली बड़ी राहत किसानों के लिए 1600 करोड का प्रावधान बड़ी ख़बरे

Kisan Yojana किसानो को मिली बड़ी राहत किसानों के लिए 1600 करोड का प्रावधान बड़ी ख़बरे

किसान योजना किसानों के लिए 1600 करोड का प्रावधान Kisan Yojana

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज विधानसभा में कहा कि किसानों से संबंधित वचनपत्र में मदद देने के जो भी उल्लेख हैं, उन्हें निभाने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी नीयत और नीति स्पष्ट है और यही कारण कि हमने किसान समृद्धि योजना Kisan Yojana में किसानों के लिये 1600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है श्री कमलनाथ ने यह बात सदन में वित्त वर्ष 2019 20 के लिए पहले अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के बाद कही। उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सीमा होती है। उस सीमा के अंदर सभी को संतुष्ट नहीं किया जा सकता।

अपेक्षा रहती है कि बजट पर आलोचना नहीं, बल्कि सुझाव देने की भावना से चर्चा की जाए। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर से किसानों को बोनस दिये जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश के लिये 75 लाख टन पीडीएस का कोटा निर्धारित किया था। पूर्व सरकार की प्रोत्साहन राशि की घोषणा होने के कारण यह कोटा घटाकर केन्द्र ने 36 लाख टन कर दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री और केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान से जून 2019 में मुलाकात करके यह कोटा बढ़ाने का आग्रह किया था।

Kisan Yojana

Kisan Yojana श्री कमलनाथ के अनुसार केन्द्रीय मंत्री ने अपने पत्र में 67 लाख टन कोटा करने की जानकारी दी। साथ ही यह भी शर्त जोड़ी कि राज्य सरकार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसानों को बोनस की राशि नहीं देगी, तभी यह कोटा बरकरार रहेगा अन्यथा पूर्वानुसार कोटे को 36 लाख टन कर दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अनुरोध किया कि वे इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार के मध्यप्रदेश के हितों के संरक्षण के लिये चर्चा करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र, राज्य सरकार को कोई सहयोग नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ ही मध्यप्रदेश के हितों का संरक्षण करने के लिये वचनबद्ध है।


इसके पहले 23 हजार करोड़ रूपयों से अधिक के प्रावधान वाले अनुपूरक बजट पद सदन में दो घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुयी। विपक्षी सदस्यों ने जहां राज्य सरकार की कमियां गिनाने का प्रयास किया, वहीं सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने एक वर्ष पुरानी सरकार की उपलब्धियां बतायीं।
प्रशांत

Post Office की मासिक आय खाता योजना, 7.3 प्रतिशत के ब्याज के साथ मिलते हैं ढेरों फायदे Kisan Yojana

भारतीय पोस्ट ऑफिस (Indian Post Office) द्वारा छोटी-छोटी बचत के लिए कई स्कीम्स चलाई जाती हैं। इसी तरह की एक योजना है मासिक आय खाता योजना (Monthly Income Scheme Account) यानी MIS। इस योजना के तहत आप छोटी राशि से अकाउंट खुलवा सकते हैं। भारतीय पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 2019 से इस योजना पर 7.3 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है आइए जानते हैं योजना के फायदे और कैसे खुलवाएं खाता :– व्यक्तिगत खाते में अधिकतम निवेश सीमा 4.5 लाख रुपए और संयुक्त खाते में 9 लाख रुपए है। ​ – खाता नकद/चेक द्वारा खुलवाया जा सकता है।

चेक के मामले में सरकारी खातों में जमा की तारीख ही खाते के खुलने की तारीख मानी जाएगी। – खाता खोलते समय या खाता खोलने के बाद नॉमिनी किया जा सकता है। – एमआईएस खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रांसफर भी किया जा सकता है। – सभी खातों की शेष धनराशि जोड़कर अधिकतम निवेश सीमा के अंदर किसी भी डाकघर में कितने भी खाते खुलवाए जा सकते हैं। – किसी नाबालिग व्‍यक्ति के नाम से भी खाता खोला जा सकता है और 10 साल और उससे अधिक आयु के नाबालिग व्‍यक्ति खाता खोल भी सकते हैं और संचालित भी किया जा सकता है। –

जॉइंट अकाउंट 2 या 3 वयस्कों द्वारा खोला जा सकता है​। प्रत्येक संयुक्त खाते में सभी संयुक्त खाताधारकों का बराबर हिस्सा होता है। ​ – जॉइंट अकाउंट को सिंगल या सिंगल अकाउंट को जॉइंट में बदला भी जा सकता है। – पीडीसी या ईसीएस के माध्यम से उसी डाकघर के खाते में ऑटो क्रेडिट के माध्यम से ब्याज को निकाला जा सकता है। सीबीएस डाकघरों के एमआईएस खातों के मामले में मासिक ब्याज किसी भी सीबीएस डाकघर के बचत खाते में जमा किया जा सकता है। ​​ -‍1 दिसंबर 2011 से इस योजना के खाते का मैच्योरिटी पीरियड 5 वर्ष है।​

फ्री वाई-फाई योजना शुरू की, दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बंद करने पर कसा तंज Kisan Yojana

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुफ्त वाई-फाई योजना (Free Wi-Fi Scheme) की शुरुआत की. इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि विरोधाभास यह है कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शनों के चलते आज के दिन ही दिल्ली में अधिकारियों ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. 70 प्रतिशत के पास अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं
संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शनों के चलते राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में मोबाइल-इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है.

केजरीवाल ने कहा कि देश में लोग ‘डरे’ हुए हैं क्योंकि करीब 70 प्रतिशत के पास अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं हैं अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर केजरीवाल ने कहा, ‘आज मैंने और मनीष जी ने दिल्ली सरकार के फ्री वाई-फाई के जरिए video call पर बात की – मैं ITO पर था और मनीष जी DU मेट्रो पर. 11,000 फ्री वाई-फाई हाट्स्पाट्स के साथ पूरी दिल्ली वाइ-फाई से कवर होगी. दिल्ली को एक मॉडर्न वर्ल्ड क्लास शहर बनाने के लिए ये बहुत बड़ा क़दम है.’

एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना के तहत फिर से जारी होंगे राशन कार्ड, केंद्र ने राज्य सरकारों को दिया निर्देश Kisan Yojana

केंद्र सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ के अभियान को आगे बढ़ाते हुए राशन कार्ड का एक मानक प्रारूप तैयार किया है. राज्यों से कहा गया है कि नया राशन कार्ड जारी करते हुए वे इसी प्रारूप को अपनायें. पूरे देश में एक जैसे राशन कार्ड जारी करने की पहल के तहत फिलहाल छह राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस पर अमल किया जा रहा है. केंद्र सरकार इस योजना को एक जून, 2020 से पूरे देश में लागू करना चाहती है. एक देश, एक राशन कार्ड’ योजना के पूरे देश में लागू होने के बाद कोई भी कार्डधारक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत किसी भी राज्य की राशन की दुकान से अपना राशन ले सकेगा.

खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी है कि विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जो भी राशन कार्ड जारी करें, वे सभी एक मानक प्रारूप में हों. इसीलिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन जारी करने के लिये मानक प्रारूप जारी किया गया है. अधिकारी ने कहा कि विभिन्न राज्यों में जो भी राशन कार्ड जारी किये जा रहे थे, उन सभी के तौर तरीकों को प्रारूप को मद्देनजर रखते हुए पूरे देश के लिए एक मानक प्रारूप तैयार किया गया है. अधिकारी ने कहा कि राज्यों से कहा गया है

कि वह जब भी नया राशन कार्ड जारी करें, इसे नये प्रारूप के अनुरूप ही जारी करें. इस बारे में कुछ और बताते हुए अधिकारी ने कहा कि मानक राशन कार्ड में राशन कार्ड धारक का जरूरी ब्योरा शामिल किया गया है और राज्य चाहें, तो इसमें अपनी जरूरत के मुताबिक कुछ और जोड़ सकते हैं. उन्होंने बताया कि राज्यों से कहा गया है कि वह मानक राशन कार्ड दो भाषाओं में जारी करें. एक स्थानीय भाषा के साथ ही इसमें दूसरी भाषा हिंदी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल करें.

इससे राष्ट्रीय स्तर पर राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी को अमल में लाने में मदद मिलेगी. राज्यों से कहा गया है कि वह 10 अंकों वाला राशन कार्ड जारी करें, जिसमें पहले दो अंक राज्य कोड होगा और अगले अंक राशन कार्ड संख्या के अनुरूप होंगे. इसमें अगले दो अंक राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की पहचान के तौर पर शामिल होंगे. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 75 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया गया है.

सरकार ने स्वर्ण मौद्रिकरण योजना में सुधार लाने के लिये उद्योग से सुझाव मांगा Kisan Yojana

Kisan Yojana केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को स्वर्ण मौद्रिकरण योजना में सुधार को लेकर आभूषण उद्योग से सुझाव देने को कहा। इस योजना का मकसद घरों में निष्क्रिय पड़े सोने का उत्पादक कार्यों में उपयोग करना है। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए वाणिज्य मंत्री ने कहा कि निष्क्रिय पड़े सोने के उत्पादक कार्यों में उपयोग से आयात के कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे बोझ को कम किया जा सकता है। सरकार ने 2015 में स्वर्ण मौद्रिककरण योजना की शुरू की थी। Kisan Yojana

उज्ज्वला योजना: सूचि में नाम कैसे देखे

हालांकि कम रिटर्न और सुरक्षा चिंताओं के कारण योजना को अच्छी प्रतिक्रया नहीं मिली। योजना के तहत बैंक निश्चित अविधि के लिये ग्राहकों को सोना जमा करने की अनुमति देता है। इस पर 2.25 प्रतिशत से 2.50 प्रतिशत ब्याज मिलता है। गोयल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि लोगों की तिजोड़ी में बड़ी मात्रा में सोना निष्क्रिय पड़ा है।

Kisan Yojana इससे न तो कोई रिटर्न मिलता है न ही अर्थव्यवस्था को लाभ होता है। मैं आप सभी से चाहूंगा कि ऐसी योजना बनाने में मदद करें जिससे इस योजना के प्रति आकर्षण बढ़े और लोग घरों में पड़े सोने को बैंकों में जमा करें।’’उन्होंने कहा कि हमारा मकसद लोगों को निष्क्रिय पड़े सोने को बैंकों में जमा करने के लिये प्रोत्साहित करना और उस पर आय प्राप्त करना होना चाहिए। वे मियादी जमा की तरह सोना रख सकते हैं और उसमें मूल्य वृद्धि के साथ कुछ रिटर्न हासिल कर सकते हैं। मंत्री ने उद्योग से मौजूदा योजना की खामियों के बारे में बताने और उसमें सुधार लाने के बारे में सुझाव देने को कहा।

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