उत्तर प्रदेश किराया कानून, Kiraydar Kanun UP, न्यू किराएदारी कानून उतर प्रदेश, पेटीएम की खास पेशकस, यूपी किराया कानून के लिए राय देना, उत्तर प्रदेश का नया किराया कानून क्या है,Tenancy Act in Uttar Pradesh,
उत्तरप्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है जिससे राज्य में किराए पर मकान लेने वाले किरायदार व किराय पर देने वाले मालिक दोनों कि निगरानी उत्तरप्रदेश सरकार करेगी यूपी सरकार ने किराया कानून शुरू किया है इस के तहत किरायदारो और मकान मालिको के बिच होने वाले झगड़ो के लेकर इस कानून को लाया गया है और इसके साथ किराय पर मकान लेने वाले किरायदार व मकान मालिक दोनों को इसका फायदा होगा और राज्य में कितने लोग किराय पर रह रहे है इसका ब्योरो भी सरकार के पास रहेगा कोन कहा किराय पर रहा है |
उत्तर प्रदेश किराया कानून से कोई भी किरायदार किसी के मकान पर कब्ज़ा नहीं कर सकता जिसके साथ कोई मकान मालिक किसी किरायदार से ज्यादा किराया नहीं वसूल सकता है इस तरह के कानून में दोनों तरह से लाभ प्राप्त होगा तो इस आर्टिकल में आपको किराएदारी कानून के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी गई है आर्टिकल पूरा पढ़े –

किराया कानून उत्तरप्रदेश के मुख्य तथ्य
किराया कानून उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार नया किरायेदार कानून लेकर आयी है| इस नए कानून से किराएदार और मकान मालिक दोनों को फायदा होने वाला है| सरकार ने ऐसा इसलिए किया है क्योंकि बहुत सारे किरायेदार मकानमालिकों के नाजायज किराये को बढ़ाने से परेशानी का सामना कर रहे थे| इस कानून से मकान मालिक व किरायेदार दोनों के हितों को मध्यनजर रखते हुए बनाया गया है| यह कानून लागु हो जाने के बाद किराएदार व मकान के बिच होने वाले विवाद कुछ हद तक सुधर जायेंगे |इस नए कानून से राज्य सरकार को किराये पर मकान देने वालों के आंकड़ों के बारे में भी पता चलेगा | आएये जानते हैं इस नए कानून किरायेदारी कानून उत्तर प्रदेश के मुख्य तथ्य क्या हैं?
उत्तर प्रदेश किराया कानून जनवरी 2021 अपडेट
up kirayedari kanun new update : यूपी नगरीय किराया विनिमय अध्यादेश 2021 के बारे में केबिनेट बाई सर्कुलेशन में आयोजित बैठक में मंजूरी दे दी गयी है| इस नए किरायेदारी अध्यादेश में रेंट अथोरिटी व रेंट ट्रिब्यूनल का प्रावधान रखा गया है| अब आपको बता दें कि रेंट ट्रिब्यूनल क्या है ? तो यह एक ऐसा नियम है जिसके तहत तहत अब मकान मालिक व किरायेदारों के बिच होने वाले विवादों को अधिकतम 60 दिनों में निस्तारित किया जायेगा| नए किराया कानून की गाइडलाइन के मुताबिक अब मकान मालिक बिना अनुबंध के किसी भी किरायेदार को मकान किराये पर नहीं दे सकेंगे|जल्द ही इस नए किराया कानून उत्तर प्रदेश को लागु किया जायेगा|
आर्टिकल का प्रकरण | किराया कानून उत्तर प्रदेश |
State | उत्तरप्रदेश |
उद्देश्य | मकान मालिकों व किरायेदारों के बिच होने वाले विवादों को दूर करना |
प्रकार | राज्य स्तरीय ( उत्तरप्रदेश ) |
कानून लाने वाले | सीएम योगी आदित्यनाथ |
पोर्टल | https://www.awasbandhu.in/ |
ऑफिसियल वेबसाइट | http://awas.up.nic.in/ |
किराया कानून उत्तर प्रदेश के फायदे / लाभ
- जब ये नया कानून लागु हो जायेगा तो इससे कुछ बदलाव या फायदे इस प्रकार होंगे
- सिमित किराया तय किया जायगा लोकेशन के अनुसार
- मालिक और किरायदार के बिच के विवाद कम होंगे अगर होंगे तो 60 दिन में समाधान कर दिया जायगा
- किरायदारो का रिकॉर्ड उत्तरप्रदेश सरकार के पास रहेगा
- इससे मालिक या किरायदार किसी के साथ धोका धड़ी नहीं कर पायगा आदि कई तरह के अन्य लाभ इस कानून से होने वाले है
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रेंट अथोरिटी बनेगी
यह कानून उत्रातरप्ज्यरदेश के CM योगी आदित्यनाथ की देख रेख में बनाया गया है| इस कानून के क्रियान्वयन के लिए किराया प्राधिकरण आयोग का गठन किया जायेगा, जिससे रेंट अथोरिटी बढ़ेगी |
किराया बढ़ाने का नया प्रारूप
इस कानून को लाने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य किरायेदार को हो रही मकानमालिकों के नाजायज किराये बढ़ाने से परेशानी को दूर करना है| आपको बता दें इस नए किरायेदार कानून यूपी में मकानमालिकों के लिए आवासीय सम्पति के लिए प्रतिवर्ष 5% तथा गैर-आवासीय सम्पति के लिए 7% किराये बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है| इस कानून से पहले मकान मालिक 10% तक किराया प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ा देते थे| इससे मकान मालिकों व किरायेदारों के बीच अराजकता व मतभेद पैदा होते थे|
किराया कानून उत्तर प्रदेश : 2 महीने तक किराया नहीं देने पर मकान मालिक किरायेदार को हटा सकेगा
मकान मालिकों के बारे में भी इस कानून में पक्ष रखा गया है| जब किरायेदार 2 महीने तक मकान मालिक को किराया नहीं देगा या किराया लौटाने में असमर्थ होगा तो ऐसी स्थिति में मकान मालिक के पास किरायेदार को मकान से निकालने का अधिकार है| लेकिन यह सुचना पहले किराया प्राधिकरण को देनी होगी इसके बाद आदेशों के अनुरूप कार्यवाही की जा सकती है|
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किराया कानून उत्तर प्रदेश का प्रभाव
गौरतलब है की जब यह कानून लागु किया जायेगा तो इसका सकारत्मक प्रभाव जनता के बिच कुछ इस प्रकार निकलकर आयेंगे-
- सरकार को किरायेदारों व मकानमालिकों के बिच होने वाले विवादों से निजात मिलेगा|
- किरायेदारों के लिए किराये के बढ़ाने की समस्या का हल निकलेगा|
- मकान मालिक भी किराया समय पर नहीं देने पर किरायेदार को निकालने का हक़ रख सकेंगे|
- सरकार को किराये पर मकान देने वालों के आंकड़े के बारे में पता चलेगा |
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किराया कानून उत्तर प्रदेश के द्वारा किराये पर रूम लेकर रहने वाले विद्यार्थियों के आंकड़े भी
पता चलेंगे जिससे साक्षरता दर तथा शिक्षा के विकास का पता चलेगा| - अपनी शिक्षा के बारे में भी पता चलेगा क्योंकि किराये पर मकान लेकर रहने वाले अधिकतर विद्यार्थी
ही होते हैं | तथा विद्यार्थी भी ऐसी जगह का चयन करते है, जहाँ की शिक्षा अच्छी हो अतः ये आंकड़े
भी बहुत निभर करेंगे| - किराया कानून उत्तर प्रदेश सरकार को आवास सम्बन्धी योजनायें बनाने में भी सहायता मिलेगी|
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पेटीएम से चुकायें अपना मकान किराया और पायें 1000 रुपये का कैशबैक
Paytm ने अपने खास फीचर्स के साथ एक और सेवा को जोड़ा है| अब पेटीएम के जरिये मकान का किराया भी भुगतान कर सकते हैं| पेटीएम ने अपनी सेवाओं में रेंट पेमेंट की नयी सेवा को जोड़ा है तथा इस सेवा या प्रक्रिया से मकान किराया चुकाने पर 1000 रुपये का कैशबैक भी दिया जा रहा है| आपको अब अपने मकान मालिक के बैंक खाते में में सीधे इस फीचर्स के इस्तेमाल से पैसे ट्रान्सफर करने हैं तथा इसके बदले में 1000 रुपये का कैशबैक प्राप्त करना है|
किराया कानून उत्तर प्रदेश के लिए इस फीचर का बहुत लाभ होने वाला है| यदि आपके पास पेटीएम ऐप है तो आप निचे दी गयी प्रक्रिया से पेमेंट करके एक हजार रुपये का कैशबैक प्राप्त कर सकते हैं|ऐप नहीं है तो आप निचे दी गयी लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं-
- सबसे पहले ऐप डाउनलोड करें – यहाँ क्लिक करें
- इसके ऐप में पंजीकरण करें|
- अब आपको पेटीएम की होम स्क्रीन पर जाना है|
- इसके बाद आपको रिचार्ज एंड पे बिल के आप्शन पर क्लिक करना है|

- इसके बाद रेंट पेमेंट के आप्शन का चयन करना है|
- अब आपको प्रोसीड के आप्शन पर क्लिक करना है|
- इसके बाद आपको मकान मालिक की बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड , खाता धारक का नाम तथा मोबाइल नंबर दर्ज करना है|
- इसके बाद भुगतान राशि दर्ज करके पेमेंट करना है|
उत्तरप्रदेश सरकारी योजना लिस्ट
नए किराया कानून उत्तर प्रदेश पर सुझाव
जब नया कानून सरकार द्वारा तैयार कर लिया गया है तो इस पर जनता का मत / सुझाव जानना बेहद जरुरी है| इसके लिए सरकार ने जनता का सुझाव जानने के लिए एक नोटिस भी जारी किया है|

इस नोटिस में लिखा गया है कि उत्तरप्रदेश नगरिय परिसरों की किराया विनिमय अध्यादेश 2020 के लिए प्रख्यापित करने की जानकारी विचाराधीन है अतः इस पर व्यक्तियों के सुझाव या मत देने के लिए आप 20 दिसंबर 2020 शायं 5 बजे तक स्वतंत हैं| आवास प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने इसके बारे में जानकारी साझा की है| यदि आप किरायेदारी कानून उत्तर प्रदेश के लिए अपना विचार / सुझाव / मत देना चाहते हैं तो निचे दिए गए सुझाव के तिन माध्यमों में से किसी के भी द्वारा दे सकते हैं-
किराया कानून उत्तर प्रदेश के लिए आवास बंधू के माध्यम से सुझाव देना-
यदि आप अपना सुझाव या राय देना चाहते हैं तो इसके लिए आवास बंधू उत्तर प्रदेश की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दे सकते हैं| इसके लिए लिंक पर क्लिक करें- आवास बंधू इस लिंक पर जाने के बाद आपके सामने इस तरह की ऑफिसियल वेबसाइट ऑपन होगी जो यहा देखे सकते है

आवास एवं शहरी नियोजन विभाग,उ0प्र0 के माध्यम से सुझाव देना-
यदि आप अपना सुझाव आवास एवं शहरी नियोजन की वेबसाइट से देना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इसकी अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा | अधिकारिक वेबसाइट के लिए लिंक पर क्लिक करें- आवास एवं शहरी नियोजन विभाग,उ0प्र0 यहा आपके सामने इस तरह का होम पेज ऑपन होगा जहा आपको feedback आप्शन दिखाई देगा आपको उस पर क्लिक करना है और अपना जो भी सुझाव है आप दे सखते है

लिखित रूप से सुझाव भेजना-
लिखित रूप से सुझाव भेजने के दो तरीके होंगे- पत्र के द्वारा तथा ई-मेल के द्वारा |
ई-मेल के माध्यम से सुझाव देना-
यदि आप ई-मेल के द्वारा सुझाव देना चाहते हैं तो इसके लिए आपको निचे दी गयी ई मेल आईडी पर मेल लिखकर भेजना होगा|
ई- मेल :- [email protected]
किराया कानून उत्तर प्रदेश के लिए पत्र के रूप में सुझाव भेजना-
पत्र के रूप में अपनी राय या सुझाव देने के लिए आपको निचे दिए गए पते का उपयोग करना है| अर्थात आप अपने पत्र को निम्न पते पर भेज सकते हैं-
पता :- प्रमुख सचिव , आवास एवं शहरी नियोजन विभाग , उ0प्र0 शासन , लाल बहादुर शास्त्री भवन, लखनऊ
उत्तरप्रदेश कृषि यंत्र योजना पंजीयन – Krishi Yantra Yojana Application Form 2021
Meri dukaan khali nhi kr rha hai 38 years se uske pass hai kya kre
What is status of this ordinance? Is it passed by assembly?
Can home owner frame new agreement based on this?
कुछ नहीं होनेवाला, सरकारें मैजोरिटी किराएदार वोट बैंक का रिसक नहीं ले सकती। टैनेटस के पक्ष में लॉबिग करनेवाले विधानसभाओं और संसद में बैठे हैं।संपति-मालिकों की तो कहीं कोई आवाज़ है ही नहीं उठानेवाला।