किसान योजना Live Update किसानो कि योजनाओ कि लेटेस्ट जानकारी

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Kisan Yojana किसानो को मिली बड़ी राहत किसानों के लिए 1600 करोड का प्रावधान बड़ी ख़बरे

किसान योजना 10 बड़े अपडेट Kisan Yojana New Update All Kisan Yojana

किसानो के लिय शुरू कई योजना जिसमे , भावांतर भरपाई योजना ,Kusum Yojna,पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड , किसानों की कर्जमाफी,10 दिन में किसानों की कर्जमाफी, जल सरंक्षण के लिए किसानों, आदि योजनाओ के लेटेस्ट अपडेट न्यूज़ यहा हम आज के किसान समाचारों में किसान योजना व किसानो के लीए नई खबरों के बारे में जानेगे जो देश के अलग अलग राज्यों व किसानो के लिय काफी महत्व पूर्ण है जिसमे देश के सभी राज्यों राजस्थान महाराष्ट्र बिहार पंजाब हरियाणा मध्यप्रदेश झारखण्ड उत्तर प्रदेश , छत्तीसगढ़ , असम मेघालय आदि सभी खास किसान समाचार

भावांतर भरपाई योजना पंजीकरण कराएं किसान

बागवानी विभाग द्वारा फल व सब्जी उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना की जानकारी देने के लिए गांव खालेटा में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला उद्यान विकास अधिकारी डॉ. प्रेम यादव ने किसानों से आह्वान किया कि वे सब्जियों व फलों का रजिस्ट्रेशन अवश्य करवाएं। सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए भावांतर भरपाई योजना में इस बार किन्नू व अमरूद फल और गाजर, मटर, शिमला मिर्च बैंगन की सब्जियों को शामिल किया गया है। इसमें पट्टेदार व बटाई पर जमीन लेने वाले किसान भी लाभ ले सकते हैं।

किसानों द्वारा अपनी फसलों के क्षेत्र का पंजीकरण मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर करवाना आवश्यक है। पंजीकरण निकट के कॉमन सर्विस सेंटर, मार्केटिग बोर्ड कार्यालय व बागवानी विभाग के कार्यालय में करवाया जा सकता है। फसलों के पंजीकरण के लिए किसान का मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर, बैंक खाते का विवरण व बोई गई फसलों का किला, खसरा नंबर व खेवट नंबर देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त किसान फल व सब्जी की खेती करने के लिए मिनी व ड्रिप फव्वारा सिस्टम जरूर लगवाएं, जिसमें सरकार की तरफ से 85 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। निर्धारित किया गया है

रेट: उन्होंने बताया कि भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत प्याज व टमाटर के लिए 15 फरवरी 2020, शिमला मिर्च व बैंगन के लिए 15 मार्च 2020 व अमरूद के लिए 15 मई 2020 पंजीकरण की अंतिम तिथि है। सरकार द्वारा आलू, बैंगन व टमाटर का संरक्षित मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल, गोभी का संरक्षित मूल्य 750 रुपये, गाजर का संरक्षित मूल्य 700 रुपये, मटर व किन्नू का मूल्य 1100 रुपये, शिमला मिर्च का 900 रुपये, अमरूद का 1300 रुपये, आलू की फसल का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल तथा 120 क्विंटल प्रति एकड़ है। कार्यक्रम में कैप्टन चंदन यादव सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

छोटे किसान पशुपालन के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से तीन लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे

कम भूमि वाले किसान पशुपालन को शामिल कर किसान क्रेडिट कार्ड पर तीन लाख रुपए तक का लोन ले सकेंगे। अब तक किसानों को जमीन की वेल्यू व पैदावार के आधार पर केसीसी लोन दिया जाता था। आरबीआई के निर्देशानुसार नाबार्ड में नियमों में बदलाव से अब कम भूमि वाले किसान पशुपालन को भी इसमें शामिल कर सकेंगे। केसीसी में तीन लाख रुपए के लोन पर किसानों से चार प्रतिशत ब्याज वसूला जाता है। ऋणी किसान साख सीमा भी बढ़ा सकेंगे। नई योजना के तहत किसान भूमि व पशुपालन गतिविधियों को मिलाकर केसीसी लिमिट 3 लाख रुपए तक बनवा सकेंगे।

दौसा एलडीएम राजेंद्र प्रसाद त्रिवेदी का कहना है कि कम भूमि वाले किसानों को पशुपालन से अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में आरबीआई के निर्देशानुसार नाबार्ड में नियमों में बदलाव किया है। जिससे भूमि के साथ पशुपालन को भी शामिल कर किसान 3 लाख रुपए तक केसीसी बनवा सकेंगे। सहकार किसान कल्याण योजना के तहत पशुपालन, भेडपालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, कृषि यंत्र, मेडबंदी आदि कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए 11 प्रतिशत ब्याज पर लोन मिल सकेगा। इस योजना में ढाई लाख रुपए साख सीमा के रूप में मिलेंगे।

इसे सालाना जमा कराना होगा। इसके अलावा अधिक राशि का लोन लेने पर हर 6 माह में किश्त के रूप में जमा कराना होगा। जिसकी अवधि 3 से 5 वर्ष तक रहेगी। इसके लिए किसान के पास भूमि होना अनिवार्य है। भूमि की डीएलसी वैल्यू के आधार पर ही ऋण स्वीकृत होता है। जिले में इस वर्ष 15 करोड़ रुपए के लोन वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय सहकारी बैंक के मुख्य प्रबंधक मुकेश शर्मा का कहना है कि इस वर्ष किसानों को अन्य कृषि गतिविधियों के लिए 15 करोड़ रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 3 करोड़ 28 लाख रुपए के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।

गहलाेत सरकार आज किसानाें के लिए करेगी बड़ा सम्मेलन

प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपने पहले साल की सालगिरह के जश्न को भव्य बनाने के लिए मंगलवार को विद्याधर नगर स्टेडियम में बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित करेगी। इसमें किसानों को लुभाने के लिए बड़े-बड़े ऐलान भी होंगे। दूसरी तरफ प्रदेश के सहकारी बैंकों के 25 लाख से ज्यादा किसानों को इस साल सरकार ने बीमा कवर ही नहीं दिया। जबकि इसके प्रीमियम का पैसा भी किसान ही चुकाता है। सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को हर वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए का राजस्थान व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा व जीवन सुरक्षा बीमा योजना का लाभ दिया जाता है।

पिछले वित्त वर्ष की बीमा योजना की मियाद इस साल एक अप्रेल को खत्म हो गई लेकिन इस वित्त वर्ष में सरकार किसी भी बीमा कंपनी से टाय अप नहीं कर पाई जिसके चलते सहकारी बैंकों से फसली ऋण लेने वाले किसानों को न तो दुर्घटना बीमा और न ही जीवन सुरक्षा बीमा मिल सका। पिछली गहलोत सरकार में यह योजना किसानों को 50 हजार रुपए का बीमा कवर देती थी।|| पूर्व सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक का कहना है कि बीमा कवर नहीं मिलने से 1 अप्रेल के बाद से अब तक करीब 6 हजार किसान इसके लाभ से वंचित हो चुके हैं।

राजस्थान व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना में किसान को अंगभंग की स्थिति में 5 लाख और मृत्यु होने पर परिजनों को 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलता है। वहीं जीवन सुरक्षा बीमा में प्रावधान है कि योजना अवधि में यदि किसान की मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा सहकारी बैंक से लिया गए ऋण की शेष राशि माफ कर दी जाती है। || किसानों का बीमा करवाने वाला अपेक्स बैंक इस साल बीमा कंपनी का चयन ही नहीं कर पाया। अपेक्स बैंक के एमडी इंदर सिंह के मुताबिक बीमा कंपनी के चयन की प्रक्रिया अभी जारी है। बैंक तीन बार टेंडर निकाल चुका है लेकिन कोई कंपनी बीमा के लिए तैयार नहीं हो रही। अब बैंक इसके लिए भी कंसलटेंट नियुक्त कर रहा है।

1 लाख किसानों की कर्जमाफी नहीं हो पाई, बिजली बिल आधे किए लेकिन अधिक बिल की शिकायतें आ रहीं

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने एक साल पूरा हो चुका है लेकिन सालगिरह कांग्रेसी भूल गए हैं। इधर, किसान आंदोलन के दोषी अब तक तय नहीं हो सके। जिले में 1 लाख 5 हजार किसानों की कर्जमाफी बाकी है। बिजली बिल आधा करने की योजना में भी लगातार गड़बड़ियां आ रही हैं। युवाओं को रोजगार नहीं मिल सका है। मेधावी छात्र लैपटाॅप योजना से वंचित हैं तो जिले में बाढ़ प्रभावित लाेगों को अब भी राहत राशि का इंतजार है। करीब 250 करोड़ रुपए अटके हैं। || कर्जमाफी : किसानों की कर्जमाफी सरकार के गठन के 10 दिन में होना थी। 1 लाख 83 हजार किसानों में से 1 लाख 5 हजार किसान इंतजार में हैं। सरकार ने 8 माह बाद पोर्टल खोला तो केवल दस्तावेज जमा कराने से वंचित रहे लोगों के लिए ही। उसमें भी 1500 में से केवल 900 ही आए। सालभर बाद भी कर्जमाफी नहीं पाई। किसान नेता महेंद्रसिंह फतेहगढ़ ने बताया कि कर्जमाफी सालभर में पूरी ना होने पर सवाल उठ रहे हैं, देरी को उचित नहीं बताया जा रहा है।

इंदिरा गृह ज्योति योजना : पूर्व की सरकार ने संबल योजना के तहत 1 लाख 20 हजार लोगों योजना के दायरे में रखा था। नई सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना का नाम देकर 200 की बजाय 100 रुपए बिजली बिल के हिसाब से जिले में 90 हजार उपभोक्ताओं को पात्र माना। हालांकि अब भी गड़बड़ियां आ रही हैं। कई किसान व उपभोक्ताओं काे अधिक राशि के बिल थमाए जा रहे हैं, जनसुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन पर हजारों शिकायतेंे दर्ज हैं। || गोलीकांड के दोषी अब तक तय नहीं : 2017 में हुए किसान आंदोलन में 5 किसानों की मौत हो गई। कांग्रेस ने तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि प्रदेश में सरकार बनी तो गोलीकांड के आरोपियों को सजा दिलाएंगे। केस की जांच के लिए सरकार ने रिटायर्ड जज की कमेटी बनाई, जिसने सभी पक्षों को सुना। इसी तरह कमलनाथ सरकार भी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाई। सजा ना होने को लेकर दिवंगतों के परिजन में अब तक आक्रोश है।

शिक्षक संघ के जयेश नागर ने बताया कि प्रदेश सरकार की स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति बेहद अच्छी थी। बिना रिश्वत दिए शिक्षकों ने स्वैच्छिक तबादले करवाए। रोजगार सहायक संगठन के संजय सेठिया ने बताया कि प्रदेश के 26 हजार रोजगार सहायकों को सरकार ने नियमित करने का वचन दिया था। अतिथि विद्वान संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. आरिफ पठान ने अतिथि विद्वान नियमितिकरण नहीं किए।

    सुरवानिया के किसानों को नहीं मिली पीएम सम्मान निधि की राशि, कलेक्टर को ज्ञापन

    प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की सहायता राशि किसानों के खातों में अब तक जमा नहीं होने के कारण भारतीय किसान संघ इकाई सुरवाणिया के किसानों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर प्रधानमंत्री सम्मान निधि की राशि जल्द दिलाने की मांग की। सुरवानिया किसान संघ इकाई अध्यक्ष हरीशचंद्र पाटीदार ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6000 की राशि उनके बैंक खातों में जमा होती है, इसके पहले उन्हें कुछ कागजी कार्रवाई पूरी करनी होती है। जिसमें जमा बंदी नकल, आधार कार्ड, ,बैंक खाता पासबुक लेकर ई-मित्र पर ऑनलाइन करना होता है।

    सुरवानिया के किसानों ने सारी कागजी कार्यवाही पूरी कर दी है फिर भी उनके खातों में अब तक राशि नहीं मिली है। जबकि पास के गांव करजी, चोखला, बागीदौरा, सुवाला गांवों के किसानों को अब तक दो-दो किश्त उनके खातों में जमा हो गई है। प्रेमजी पाटीदार, धनजी पाटीदार, हीरजी पाटीदार, देवेंग पाटीदार, कुबेर पाटीदार, वेलजी, भावेंग, रमेश, प्रकाश, कोदरलाल, नगजी, शिवशंकर ने ज्ञापन दिया।

      10 दिन में किसानों की कर्जमाफी का वादा, एक साल में 44% का ही माफ, मेधावी छात्रों को लैपटॉप का इंतजार

      कांग्रेस सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री ने कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर किए। लेकिन एक साल बाद भी किसान कर्ज मुक्त नहीं हो पाए हैं। ऋण माफी योजना के तहत 64 हजार 721 किसानों का कर्ज माफ होना था, जिसमें 60 हजार 15 किसानों ने कर्जमाफी के लिए फार्म भरे। अब तक सिर्फ 26 हजार 477 किसानों का 86.69 करोड़ रुपया का कर्ज माफ हो सका है। जबकि 33 हजार 538 किसान कर्ज माफी के इंतजार में हैं।

      स्वाभिमान योजना बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने कांग्रेस ने मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना शुरू की। योजना के तहत युवाओं को 100 दिन का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार देना था। भिंड शहर में पांच हजार से ज्यादा युवाओं ने योजना के तहत पंजीयन कराया, जिसमें से 502 युवाओं चयन हुआ। नगरपालिका ने 10 दिन काम कराया। लेकिन शासन से प्रशिक्षण केंद्र आवंटित न होने से वे भी घर बैठे हुए हैं। साथ ही मानदेय के रूप में भी कुछ नहीं मिला।

      गोशाला निर्माण गौवंश से त्रस्त किसानों को राहत देने के लिए कांग्रेस सरकार ने गौशालाएं खोलने की योजना बनाई। इसके तहत जिले में 30 गौशालाएं बनाई जाना थी। लेकिन बीते एक साल में यह सभी निर्माणाधीन हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में गौशालाओं का निर्माण करा रही ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री आलाेक तिवारी के अनुसार करीब 10 गौशालाएं हैंडओवर की स्थिति में है। वहीं भिंड की गोशाला निर्माणाधीन है।

      कन्यादान योजना कांग्रेस ने वचन पत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 28 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार कर दी। लेकिन यह राशि हितग्राहियों को मिल नहीं पा रही है। पिछले एक साल में इस राशि को पाने के लिए 72 हितग्राहियों ने आवेदन किए। लेकिन सरकार से बजट न मिलने की वजह से पिछले महीने सिर्फ 22 हितग्राहियों को पैसा मिल पाया है। जिले के सैकड़ों हितग्राही इससे वंंचित हैं।

      लैपटॉप योजना बोर्ड परीक्षा में 70 फीसदी तक अंक लाने वाले मेधावी छात्रों को लेपटॉप देने का वादा कांग्रेस ने किया था। लेकिन बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद इस योजना की सुध नहीं ली है जिससे छात्र लैपटॉप से वंचित हैं। जबकि छात्र आज भी लेपटॉप मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अफसरों की मानें तो सत्र 2018-19 में 70 फीसदी अंकों से पास होने वाले छात्रों का आंकड़ा ही अब तक नहीं छांटा गया है।

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