आशीर्वाद योजना 51 हजार रुपए शगुन देने का किया था वादा ,लेकिन अब तक 21 हजार रुपए भी नशिब नहीं हुये,जानिए क्या है योजना

यह मामला पंजाब का है यहा पर केप्टन अमरिंदर सिंह ने गरीब परिवार की बेटियो को 15 हजार रुपए शगुन की जगह 51 हजार रुपए शगुन देने का वादा किया गया था लेकिन सरकार के तीन साल बीत जाने के बाद भी बेटी को दिया जाने वाला 51 हजार रुपए का शगुन तो क्या पिछले 8 माह मे किसी भी प्रकार का कोई शगुन ही नहीं दिया गया बेटियो को दीया जाने वाला यह शगुन पंजाब सरकार ने 2017 मे 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 21 हजार रुपए कर दिया था लेकिन जेसा केप्टन ने वादा किया था उस शगुन का इंतजार करते हुये बेटियाँ घर से विदा हो गयी और शगुन नहीं आया आगे आपको इस योजना के बारे मे डिटेल मे बताया गया है आप देख सकते है

आशीर्वाद योजना के बारे मे || About Blessing Scheme

आशीर्वाद योजना क्या है और इसका लाभ किसको मिलता है आपके इनहि सारे सवालो के जवाब इस आर्टिकल मे मिलेंगे दरअसल पंजाब सरकार ने अपने राज्य की गरीब बेटियो के लिए एक योजना चलाई थी जिसका नाम शगुन योजना रखा गया था लेकिन अब इस योजना का नाम बदलकर आशीर्वाद योजना कर दिया है इसके तहत वे बेटियाँ जो की गरीब है और जिनके माता पिता बेटी की शादी का खर्च नहीं उठा सकते है इनके लिए सरकार ने बेटी की शादी पर 15 हजार रुपए शगुन देने का वादा किया गया था बाद मे 2017 मे सरकार ने इस शगुन की राशि को 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 21 हजार रुपए कर दिया था

यह भी पढे :- Unlock 3.0 Bihar:अनलॉक 3.0 के तहत बिहार मे मिल सकती है कुछ छुट लेकिन जारी रह सकता है लोकडाउन

Yojanaआशीर्वाद योजना
Locationपंजाब
Yojana TypeFor Poor daughters
Official Website
UpdateJuly 2020

आशीर्वाद योजना

पंजाब के केप्टन अमरिंदर सिंह ने ने प्रदेश की गरीब बेटियो के लिए 51 हजार रुपए शगुन देने का वादा किया है लेकिन बेटियाँ विदा हो गयी और शगुन नहीं आया शगुन आना तो छोड़ो पिछले 8 माह मे किसी भी प्रकार का कोई शुगन का जिक्र तक नहीं किया सरकार ने सिर्फ वादे किए है इस योजना का मुख्य उधेस्य आर्थिक रूप से कमजोर बेटियो को मदद देना है गरीब परिवार के लोग इस सरकार शगुन के पेसे पाने के लिए सरकार दफ्तरो मे चक्कर काटते है लेकिन इन पर कोई ध्यान नहीं देता है सरकार ने इस योजना के तहत लड़की की शादी के पहले आर्थिक मदद देने का वादा किया था मगर कई महीने बीत गए लेकिन लाभार्थी के खाते मे एक पेसा भी नहीं आया

योजना मे लोगो के आवेदन करने के बाद भी नहीं आ रहे है पेसे || आशीर्वाद योजना

यह केसे सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है अगर बात कर हम बठिंडा जिले की तो यहा
पर साल 2017-18 मे 2510 लोगो ने आवेदन किए थे और 2018-19 मे 2432 लोगो ने
आवेदन किया था और इन लोग के केस 2019 मे क्लियर हो पाये है वो भी आधे फिर
साल 2019-20 मे 2680 लोगो ने आवेदन किया था लेकिन नवम्बर तक केस क्लियर
होने के कारण सिर्फ 1149 केस ही पास हो पाये है और 1531 केस अपने पास होने का
इंतजार कर रहे है साल 2020-21 मे अप्रेल से लेकर जुलाई महीने तक चार महीनो मे
230 लोगो ने आवेदन किया था जो की सभी पेंडिंग है सरकार ने इस योजना को चालू तो
कर दिया लेकिन फायदा किसी को भी नहीं हो रहा है क्यूकी यह योजना बहुत स्लो कम
कर रही है

78 केस एसे सामने आए है जो इस लोकडाउन के कारण घरो से नहीं निकले के कारण
इस योजना मे आवेदन ही नहीं कर पाये इन लोगो ने अब इस योजना मे आवेदन किया है
इन लोगो को मजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया लेकिन सरकार इनको कब
मंजूरी देगी यह अब तक नहीं पता है इस मामले मे जिला भलाई अफसर बलजिंदर
बांसल का कहना है की वे सारे केस सरकार के पास भेज देते है और सरकार जब
उनको पास करती है तो लाभार्थी के खाते मे पेसे आ जाते है

नहीं है परिवार मे कोई कमाने वाला ,बताई अपनी पीड़ा

कुछ लोगो अपने परिवार की पीड़ा को बताया है की उनेक परिवार मे कोई कमाने वाला नहीं है और उनको अपनी बेटी की शादी भी करनी होती है एसे ही कुछ केस सामने आए है जो की आपको बताते है :-

केस-1:-

यह केस है बठिंडा के अमरपुरा बस्ती का वह पर सेठी सिंग की बेटी की शादी दिसम्बर
मे हुई थी सेठी सिंह कई बार सरकारी दफ्तरो के चक्कर काटता रहा इस आर्थिक मदद
को पाने के लिए लेकिन प्र्तेक बार उसको सिर्फ भरोसा ही मिलता रहा लेकिन आर्थिक मदद नहीं मिली सेठी सिंग के एक बेटा और एक बेटी अभी भी पढ़ाई कर रहे है लेकिन वह स्वम देहाड़ी मजदूरी करके अपना परिवार पाल रहा है

केस-2

यह मामला भी भटिंडा के लाल सिंग बस्ती के गुलाब सिंह का है गुलाब सिंह की बेटी की शादी नवम्बर 2019 मे हुई थी उसने कई बार शगुन के पेसे पाने के लिए सरकार ऑफिस मे चक्कर लगाए है लेकिन आज तक उनको इस योजना का एक पेसा भी नहीं मिला है लेकिन गुलाब सिंह का बेटा बीटेक कर रहा है लेकिन अब तक बेटे को नौकरी नहीं मिली है इस लोकडाउन के कारण गुलाब सिंह की खुद की नौकरी चली गयी है

केस-3:-

यह मामल भटिंडा के गाव महमा सवाई मे रहने वाले जगसीर सिंह का है इनकी बेटी की शादी नवम्बर मे हुई थी इनहोने भी इस योजना मे आवेदन किया था लेकिन इस योजना का एक पेसा भी इनको अभी तक नहीं मिला है खुद गाड़ी चलकर और बेटा मजदूरी करकर परिवार का पालन पोषण कर रहे है

हमारा इस आर्टिकल के जरिये एक बात कहनी है की अगर सरकार ने इस योजना को चालू किया है तो वो इस योजना पर ध्यान भी दे ताकि गरीब लोगो की आर्थिक मदद हो पाये वरना योजना चलाने का फायदा क्या है

1 thought on “आशीर्वाद योजना 51 हजार रुपए शगुन देने का किया था वादा ,लेकिन अब तक 21 हजार रुपए भी नशिब नहीं हुये,जानिए क्या है योजना”

Leave a Comment