Rabies ke karan lakshan bachav-रेबीज का कारण लक्षण ओर बचाव

By | August 6, 2020

Rabies ke karan lakshan bachav-रेबीज यह एक प्रकार की संक्रामक बीमारी है
यह गर्म खून वाले किसी भी जानवर व प्राणियों मे हो सकती है यह केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र
को प्रभावित करती है एक बार पूरी तरह से संक्रमित हो जाने के बाद इसका कोई इलाज
नही होता है इसका वाइरस गर्म वातावरण मे जीवित नही रह सकता है यानि संक्रमित
कुत्ते की लार अगर गर्म जमीन पर भी गिर जाए तो लार मे उपस्थित वाइरस मर जाता
है साबुन के पानी के संपर्क मे आने पर भी यह वाइरस मर जाता है

संक्रमित जानवरकिसी प्राणी के शरीर के जिस हिस्से पर भी काटता है तो यह वाइरस खून के
संपर्क मे आ जाता है वहा से यह शरीर मे प्रवेश कर जाता है इसका मुख्य उदेशय मस्तिस्क
तक पहुचने का होता है वहा पर यह मस्तिस्क को प्रभावित करता है ओर रेबीज के लक्षण
प्रकट होने लग जाते है रेबीज फेलाने वाले जानवर के द्वारा काटे जाने पर रेबीज के लक्षण
प्रकट होना इस बात पर निर्भर करता है की उसने शरीर पर मस्तिस्क से कितनी ज्यादा दूरी पर काटा है

रेबीज फैलाने वाला प्राणी शरीर पर मस्तिस्क से जितनी ज्यादा दूरी पर काटता है रेबीज के
लक्षण उतने ही देरी से प्रकट होते है काटे जाने पर रेबीज के लक्षण प्रकट होने मे प्राणियों मे
यानि मस्तिस्क तक वाइरस पहुचने मे अलग अलग समय लगता है यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र
के साथ साथ लार ग्रंथियो को भी प्रभावित करता है !

रेबीज का कारण –

यह रेबीज गर्म खून वाले प्राणियों को ही प्रभावित करती है रेबीज के फैलने का कारण
न्यूरोट्रोपिक लाइसिसिवर्स नामक वाइरस होता है यह केनाइन प्रजाति के किसी भी प्राणी के
काटने पर हो सकती है जैसे -कुत्ते ,बिली लोमड़ी ,चूहा ,गिलहरी ,टाइगर ,बंदर आदि के द्वारा
फैलाइ जा सकती है यह बीमारी संक्रमित जानवरो के काटने या इनकी लार शरीर पर
उपस्थित घाव (woond) के संपर्क मे आने पर होती है !

रेबीज के लक्षण –

रेबीज के इस प्रकार के लक्षण हो सकते है प्राणी को पानी से डर लगना यानि हाइड्रोफोबिया हो
जाता है मुह से अधिक मात्रा मे लार का बहना ,भोजन पानी को निगलने मे बहुत बड़ी
कठिनाई का होना ,बुखार का होना ,सर मे दर्द का होना ,उल्टिया होना ,अनिंद्रा होना ,चिंता
होना ,बिना लक्ष्य के ही भागना दोड़ना मचलना ,एनिमल्स मे अखाद्य पर्दार्थों को खाने लग
जाना जैसे -कंकर पत्थर लकड़ी आदि बहुत ज्यादा शांत हो जाना ,अचानक से ही उठकर
भागना ,उलझन मे रहना चलने मे असमर्थ हो जाना आदि प्रकार के लक्षण रेबीज मे प्रकट होने लग जाते है ! Cancer:Causes,Symptoms-कैंसर के होने का कारण,लक्षण व बचाव

रेबीज से बचाव –

रेबीज का बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है जंगली जानवरो के द्वारा काटे जाने पर या
उनके संपर्क मे आने पर नजदीकी चिकित्सालय मे जाकर रेबीज का टीका आवश्यक
लगवाए, ओर अपने पालतू जानवरो को जिनके आप रोज संपर्क मे रहते उनमे भी
टिकाकरण आवशयक करवाए , रेबीज वाइरस से संबन्धित प्रयोग शाला मे काम करने
वाले व्यक्ति हर वर्ष रेबीज के टीके आवश्यक रूप से लगवाए ,अपने आस पास के क्षेत्र
मे आवारा जानवर जैसे -कुत्ते ,बंदर आदि अधिक मात्रा मे हो ओर आपको उनसे खतरा
महसूस हो तो स्थानीय पशु नियंत्रण विभाग को सूचित करे ! Blood: Function and Composition-रक्त के कार्य ओर उसका संगठन

One thought on “Rabies ke karan lakshan bachav-रेबीज का कारण लक्षण ओर बचाव

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